chanakya quotes चाणक्य के विचार जो दे सकते है आपको एक नई दिशा

प्रसिद्ध पुस्तक अर्थशास्त्र के लेखक चाणक्य अपनी बुद्धिमता के लिए बहुत प्रसिद्ध है. वे अर्थशास्त्री तथा राजनीतिज्ञ थे। अपनी चतुर कूटनीति तथा कुशल राजनीति के द्वारा उन्होने मौर्य साम्राज्य को बनाए रखने मे महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।  उनके विचारो की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है.यहा उनके कुछ विचारो (chanakya quotes) का संकलन किया गया है।

 

chanakya  quotes

 

  • जो विधा सिर्फ पुस्तकों मे लिखी है पर ग्रहण नहीं की गई है और जो धन दुसरो के हाथो मे गया हुआ है, ये दोनों चीजे आवश्यकता पड़ने पर काम नहीं आती

 

  • अच्छे कार्य जीवन को महान बनाते है, यह मत भूले की जीवन अस्थायी है। इसलिए जीवन के हर क्षण का उपयोग किया जाना जरूरी है। मौत आ जाएगी तो फिर कुछ भी न रहेगा। न यह शरीर, न कल्पना, न आशा। हर चीज मौत के साथ दम तोड़ देगी।

 

  • हमे बीते समय के बारे मे पछतावा नहीं करना चाहिए, न ही भविष्य के बारे मे चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति केवल वर्तमान मे जीते है।

 

  • गुणो से मानवता की पहचान होती है, ऊंचे सिंहासन पर बैठने से नहीं।  महल के उच्च शिखर पर बैठने के बावजूद कौवे का गरुड़ होना असंभव है

 

  • यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है? यदि आदमी  के पास प्रसिद्धि है तो उसे भला किसी ओर सिंगार की क्या आवश्यकता है.

 

  • सुखी जीवन का सबसे बड़ा गुरुमंत्र यह है की हमे कभी भी अपनी राज की बाते किसी को नहीं बताना चाहिए। जो लोग ऐसा करते है उन्हे भयंकर कष्ट झेलने पढ़ते है।

 

  • मूर्खो से वाद विवाद नहीं करना चाहिए क्योकि इससे केवल आप अपना ही समय नष्ट करेंगे

 

  • कमजोर व्यक्ति से दुश्मनी ज्यादा खतरनाक होती है क्योकि वह उस समय हमला करता है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते

 

  • पृथ्वी पर केवल तीन ही रत्न है- जल, अन्न और मधुर वचन ! बुद्धिमान व्यक्ति इनकी समझ रखते है, पर मूर्ख लोग पत्थर के टुकड़ो को ही रत्न समझते है।

 

  • जो तुम्हारी बात सुनते हुए इधर-उधर देखे, उस पर कभी विश्वास न करो।

 

  • मनुष्य स्वयं ही अपने कर्मो के द्वारा जीवन मे दुखो को बुलाता है।

 

  • हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ न हो। यह कड़वा सच है

 

  • ईश्वर चित्र मे नहीं चरित्र मे बसता है अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ

 

  • जो जिसके मन मे है, वह उससे दूर रहकर भी दूर नहीं है। जिसके मन मे नहीं है, वह उसके समीप रह कर भी दूर है।

 

  • समझदार व्यक्ति को पराये बल पर साहस नहीं करना चाहिए।

 

  • मूर्खो से तारीफ सुनने से बुद्धिवान से डांट सुनना ज्यादा बेहतर है.

 

  • शांति के बराबर कोई दूसरा ताप नहीं है, सतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं है, लालच से बड़ा कोई रोग नहीं है और दया से बढ़ा कोई धर्म नहीं है।

 

  • नौकर को बाहर भेजने पर, भाई बंधुओ को संकट के समय, दोस्त को विपत्ति मे और अपनी स्त्री को धन के नष्ट हो जाने पर ही परखा जा सकता है।

 

  • आँख से अंधे को दुनिया नहीं दिखती, काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता, मद के अंधे को अपने से श्रेष्ठ नहीं दिखता और स्वार्थी को कही भी दोष नहीं दिखता !

 

  • आलसी का वर्तमान और भविष्य नहीं होता

 

आशा है की चाणक्य के ये विचार आपको जरूर  पसंद आएंगे। आपको चाणक्य के कौन से विचार अच्छे लगते है, क्या इस पोस्ट मे उसका जिक्र किया गया है अगर नहीं तो अपने comments के द्वारा चाणक्य के उस विचार को हमारे साथ जरूर साझा करे। हमारे अगले posts प्राप्त करने के लिए हमे free of cost subscribe करे और हमारे facebook page को like करे।

 

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