चिकनपोक्स के कारण लक्षण और इलाज़ chickenpox in hindi

chickenpox  एक  संक्रामक बीमारी है जो वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस  के कारण होती है. आम भाषा में इसे छोटी माता या छोटी चेचक भी कहा जाता है.  इस बीमारी के कारण मरीज के पुरे शरीर में लाल, उभरे दाने निकल आते है जिसमे तेज खुजली होती है. आम तौर पर इसकी शुरुआत छाती, पीठ और चेहरे से होती है, और फिर यह शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाते है

चिकनपोक्स  फैलने वाली बिमारियों में से एक है  जो आसानी से संक्रमित व्यक्ति की खांसी और छींक के माध्यम से फैलती है। जब तक सभी घावों पर पपड़ी नहीं आ जाती तब तक इनके संपर्क में आने से  दुसरे व्यक्ति में भी chickenpox  फैलने की संभावना रहती है  बच्चों की तुलना में वयस्कों में यह बीमारी अक्सर अधिक गंभीर होती है।

लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 10 से 21 दिन बाद दिखाई देते हैं . आमतोर पर चिकनपोक्स  उन लोगों को ज्यादा होती है जिन्होंने इससे बचने के लिए टीकाकरण न करवाया हो.  चिकन पॉक्स का पहला टीका  12 से 15 महीनों की उम्र के बीच और दूसरा  4  से  6 वर्ष की उम्र के बीच लगवा लेना चाहिये।

 

Symptoms of Chickenpox in hindi – चिकनपोक्स  के लक्षण

 

पुरे शरीर या शरीर के कई भागो पर खुजली वाले फफोले हो जाना

दानों का बहुत अधिक लाल दिखना

हल्का बुखार

भूख ना लगना

सीने में जकड़न होना

सिरदर्द

एक संक्रमित व्यक्ति में दाने प्रकट होने में लगभग 2 दिन का समय लगता है, और फिर 5-7 दिनों के तक यह दाने शरीर के अन्य हिस्सों में फैलते रहते है.

 

cause of Chickenpox in hindi – चिकनपोक्स  के कारण

 

वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस नामक वायरस के कारण चिकनपोक्स होता है। इसी वायरस से रोगी के पूरे शरीर में फुंसियों जैसी चक्तियाँ पैदा होती हैं.  अधिकांश मामलों में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से व्यक्ति में चेचक के लक्षण दिखाई देते है. यह संक्रमण उन लोगों के लिए बेहद संक्रामक है जिन्हें पहले  कभी चिकनपोक्स नहीं हुआ  या जिन्हें टीका नहीं दिया गया ।

साथ ही 12 साल से कम उम्र के बच्चो या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के लोगो में भी इस रोग के  होने के संभावना ज्यादा रहती है.

 

 

Chickenpox treatment in hindi – चिकनपोक्स  का इलाज़ 

 

चिकनपोक्स  के अधिकांश उपचार का उद्देश्य इसके लक्षणों जैसे खुजली, बुखार को कम करना होता है । बुखार और सरदर्द को कम करने के लिए डॉक्टर पेरासिटामोल टैबलेट का इस्तेमाल करते है.

 

 

आमतोर पर लोग मानते है की चेचक के दौरान नहाना नहीं चाहिये. लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है. डॉक्टर्स का मानना है की chickenpox  के दौरान 3 – 4 बार नहाना चाहिये. इससे खुजली से राहत मिलता है.

 

 

साथ ही रोगी को कैलामिन लोशन लगाने की सलाह दी जाती है. इससे शरीर को ठंडक मिलती है.

 

 

नीम की पत्तियों को रोगी के बिस्तर के आस पास रख सकते है. नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते है जिससे बैक्टीरिया खत्म होते है.

 

 

रोगी को नाख़ून न रखने की सलाह दी जाती है ताकि दानों पर  खरोंच के कारण चोट न लगे  और बैक्टीरियल संक्रमणों के जोखिम को नियंत्रित किया जा सके.

 

 

चिकनपोक्स  के दौरान मसालेदार और तले हुए खाने से परहेज करना चाहिये. और ज्यादा से ज्यादा तरल प्रदार्थ लेने चाहिए.

 

 

रोगी को सलाह दी जाती है की चिकनपोक्स   के दौरान वह घर पर ही रहे ताकि रोग किसी दुसरे व्यक्ति में न फैले.

 

वैसे तो चिकनपोक्स  के कई घरेलू उपचार भी है लेकिन हम आपको सलाह देंगे की आप इसके लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाये. इससे समय पर ही लक्षण नियंत्रण में आ जायेंगे और रोगी को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

 

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2 Comments

  1. Nishan singh 06/12/2017
    • whats knowledge 07/12/2017

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