जानिए डेंगू के लक्षण, बचाव और इलाज dengue fever in hindi

आज कल न्यूज़ चैनल और अखबारों में जिस खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है वह है डेंगू  (dengue) और चिकुनगुनिया. बहुत से लोग अनजाने में इसके लक्षण पहचाहने में काफी देरी कर देते है जिसकी वजह से यह बुखार काफी तेजी से मरीज को अपनी चपेट में ले लेता है.

तो चलिए इस पोस्ट में हम आपको बताते है की डेंगू बुखार क्या होता है, डेंगू कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है.

क्या होता होता डेंगू – dengue fever in hindi

डेंगू (dengue) एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होती है. इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से  मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते  है. इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है. डेंगू होने पर मरीज के खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटती है जिसके कारण कई बार जान का जोखिम भी बन जाता है.

डेंगू (dengue) एक इंसान से दुसरे इंसान को नहीं फैलता. ये केवल मच्छर  के काटने से ही होता है.

कब सबसे ज्यादा फैलता है डेंगू – dengue season

गर्मी और बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से पनपती है. डेंगू के मच्छर  हमेशा साफ़ पानी में पनपते है  जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, घडो और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलो में जमा पानी आदि.  वही दूसरी ओर मलेरिया के  मच्छर  हमेशा गंदे पानी में पैदा होते है. डेंगू के मच्छर  ज्यादातर हमेशा दिन में काटते है

डेंगू के लक्षण – symptoms of dengue in hindi

  • तेज ठंड और बुखार

 

  • कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द

 

  • हल्की खाँसी, गले में दर्द और खराश

 

  • शरीर पर लाल-लाल दाने(रैश) दिखाई देता है.

 

  • थकावट, भूख न लगना और कमजोरी

 

  • उलटी और दर्द

क्या डेंगू जानलेवा बीमारी है?

ऐसा नहीं है की डेंगू होने से मरीज की जान को खतरा बना ही रहता है. ज्यादातर मामलो में डेंगू (dengue) मच्छर  के काटने से या तो हल्का बुखार होता है या कोई फर्क नहीं पड़ता. डेंगू बुखार (dengue fiver) तीन तरह के होता है-

क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार – classical dengue fever

डेंगू हॅमरेजिक बुखार (डीएचएफ) – dengue hemorrhagic fever (DHF)

डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) – dengue shock syndrome (DSS)

क्लासिकल डेंगू (dengue)  बुखार में से कभी किसी की जान नहीं जाती. ये साधारण इलाज़ से भी ठीक हो जाता है. लेकिन डेंगू हॅमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम में सही समय में इलाज़ न करने से खतरा बढ़ सकता है.

कैसे पता करे की डेंगू हुआ है या नहीं – dengue checkup

अगर ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर क पास जाये. डेंगू (dengue) की जाचं के लिए एनएस 1 टेस्ट किया जाता है जिसके आधार पर डॉक्टर तय करते है की मरीज़ को डेंगू हुआ है या नहीं.

डेंगू का इलाज़ – treatment of dengue in hindi

वैसे तो डेंगू (dengue)  का इलाज़ चिकित्सकीय प्रक्रिया से डॉक्टरो के द्वारा किया जाता है लेकिन सावधानी के तौर पर आप भी कुछ तरीके अपना सकते है.

  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजे दीजिये ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो

 

  • मरीज को पीपते के पत्ते पानी में या पीस कर दिए जा सकते है . यह शरीर में प्लेटलेट्स (platelets) बढाने का काम करते है लेकिन देने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले

 

  • मरीज को डिस्प्रीन और एस्प्रीन की गोली कभी ना दें

 

  • बुखार कम करने के लिए पेरासिटामॉल की गोली दी जा सकती है

 

  • जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलाये.

कैसे करे डेंगू से बचाव – dengue fever prevention

 

डेंगू (dengue)  एक मच्छर  से होने वाली बीमारी का नाम है. यानी आपको अपना बचाव मच्छरों से करना है.

  • डेंगू का घर साफ़ पानी है इसलिए घर में या आस पास पानी २-३ दिन से ज्यादा न जमा होने दे. कूलरो में मिट्टी के तेल का छिडकाव करे. 1-2 दिन बाद घडो और बाल्टियों में जमा पानी को हटाते रहे.
  • अगर बुखार घर में ठीक न हो रहा हो तो एक बार जांच जरुर करवाए

 

  • जितना हो सके बच्चो को पूरी बाजू के कपडे पहेनाये

 

  • घर और गली में कीटनाशक का छिडकाव जरुर करवाए

 

  • जितना हो सके इस मौसम में घर की खिडकियों को बंद करके रखे

 

  • कूड़े के डिब्बे म कूड़ा न जमा होने दे

 

बाकि बीमारी  चाहे डेंगू हो या कोई ओर कभी लापरवाही न बरते. अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो आप comments के माध्यम से पूछ सकते है. कृपया इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमारे नय आर्टिकल्स को तुरंत पाने के लिए हमारा facebook page like करे और निचे free subscribe करे.

 

Read More

जानिए Vitamin B Complex कमी से आपकी Health को क्या खतरे हैं

आत्महत्या से बचने के उपाय – how to prevent suicide

एक नजरंदाज दिमागी बीमारी – Eating Disorder in Hindi

सफ़र के दौरान उल्टी और घबराहट से बचने के तरीके motion sickness

बाइपोलर डिसआर्डर क्या है – bipolar disorder in hindi

 

NOTE:We try hard for accuracy and correctness. please tell us If you see something that doesn’t look correct or you have any objection. please comment and share this article.

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

20 Comments

  1. Arvind kumar 06/10/2016
  2. vishal 12/10/2016
  3. kamal 31/10/2016
  4. K.j.chauhan 02/01/2017
  5. mohammed asif m jartargar 16/08/2017
  6. Gautam kumar 25/08/2017
  7. Kapil Goswami 28/08/2017
  8. Krishna gupta 27/09/2017
  9. bhawna 28/09/2017
  10. SHANKAR 30/09/2017
  11. SHANKAR 30/09/2017
  12. David 18/10/2017
  13. jitendra kumar 30/10/2017
  14. mayank 07/11/2017
  15. Neha 17/01/2018
  16. Akhil Arya 02/07/2018
  17. kailaschavan2177@gmail.com 20/07/2018
  18. Bunty Yadav 04/09/2018
  19. Sipin Pratap Singh 11/09/2018
  20. Snighrldharani sahu 29/09/2018

Leave a Reply