कैसे करे रिलेशनशिप को ओर भी मजबूत The five love languages in hindi

हम इंसानों के पास अलग अलग प्यार की languages (भाषाएँ) होती है जिसे हर कोई नही समझ सकता और अगर हर किसी की समझ में आ जाए तो शायद हमारे सम्बन्धो में कभी कोई टकरार न हो. आज हम बात करेंगे ऐसी ही कुछ भाषाओ का जिसे समझ कर आप अपने सम्बन्धो को और भी मजबूत कर सकते है फिर वो सम्बन्ध अपने पार्टनर के साथ हो, मम्मी – पापा के साथ हो, या फिर दोस्त के साथ हो. और यकीन मानिए ये languages (भाषाएँ) आपके  करीबी लोगो को और भी करीब ला देगी.

 

The five languages of love – प्यार की पाँच भाषाएँ

 

शब्दों की भाषा – words of affirmation

कई लोगो के प्यार जताने का तरीका अलग होता है जैसे वो अपने साथी का पूरा ख्याल रखते है हर छोटी बड़ी चीज़ में उनका साथ देते है, घर में खाना बनाने में हेल्प करते है, बाज़ार से सब्जी लाने में हेल्प करते है आदि लेकिन वो कभी बोलते नही की वो अपने साथी से कितना प्यार करते है और किस हद तक करते है यानि इन सब चीजों के साथ साथ शब्दों में अपने प्यार को जाहिर करना भी जरुरी है

 

पूरी तरह से समय देना – Quality time

इसका मतलब है की जब हम अपने साथी या परिवार के साथ हो तो पूरी तरह से उनके साथ रहे. उनकी बातो में रूचि रखे. ऑफिस या काम से जुडी बाते कम करे. इसे हम एक उदहारण से समझ सकते है आजकल के नौजवानो की बड़ी समस्या है की वो पाने परिवार के साथ समय नही बिताते तो कही न कही उनके आपसी प्यार में कमी आ जाती है. या फिर एक व्यक्ति अपने ऑफिस में टाइम जायदा बिताता है और अपनी पत्नी और बच्चो को टाइम नही दे पाता. और इस बात पर उस व्यक्ति का तर्क होता है की ये सब अपने परिवार के लिए ही तो कर रहा हूँ लेकिन इन सब के साथ साथ उस सम्बन्ध को मजबूत करने के लिए उसे अपने परिवार, अपनी पत्नी और अपने बच्चो के साथ समय बिताना बहुत जरूरी है

 

काम में मदद करना – Act of service

अपने साथी या करीबी लोगो का हर काम में साथ देना भी प्यार की एक languages (भाषा) है ये जरूरी नही की सिर्फ शब्दों के जरिये प्यार का इज़हार करे. उदहारण के लिए, अपने साथी को बस ये बोलते रहना की मैं तुमसे कितना प्यार करता/करती हूँ.  मै तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता/सकती हूँ शायद ये शब्द काफी नही है क्या पता कि आपके साथी की भाषा अलग हो और वो चाहती हो की आप उसका खाना बनाने में साथ दे. इसलिए आप उनकी भाषा में ही बात करें. इससे आपका सम्बन्ध और भी मजबूत होगा.

 

तोहफा –  Gift

The five love languages

 

ये प्यार की एक मीठी भाषा है क्योंकि गिफ्ट हर किसी को पसंद होते है. अब यहाँ पर सवाल ये है की कैसा तोहफा दे ? तो हम बता दे की तोहफा महंगा हो या सस्ता उससे फर्क नही पड़ता. फर्क आपकी सोच से पड़ता है यानि जब आप गिफ्ट खरीदने जायेंगे तो जिसे गिफ्ट देना है उसके हिसाब से सोचना होगा कि ऐसा क्या गिफ्ट हो सकता है जो आपके बजट में हो और जिसे देख कर आपका साथी भी खुश हो जाए.

 

शारीरिक स्पर्श – physical touch

The five love languages

शारीरिक स्पर्श पर कई लोगो का सोचना, सेक्सुअल रिलेशन से होगा लेकिन हमारा मतलब कुछ अलग है इसे एक उदहारण से समझते है जब भी किसी माँ को अपने बेटे पर गर्व होता है तो वो अपने बेटे का माथा चूम कर अपने प्यार का इज़हार करती है या फिर पापा अपने बेटे की पीठ थपथपा कर अपने प्यार का इज़हार करते है. किसी के कंधे पर हाथ रख कर उसे समझाना या फिर किसी को गले लगाना ये सब प्यार की शारीरिक भाषाए है.

 

अब ये बात समझना बहुत जरूरी है की आपको हमेशा सामने वाले की प्यार की भाषा में ही बात करनी है हमारे झगड़ो का कारण यही होता है की हम अपने साथी की प्यार की भाषा ही समझ नही पाते. ये इसी तरीके से होता है की हम एक तमिल बोलने वाले को हिंदी में समझा रहे है और उसके समझ में कुछ नही आ रहा या आधी अधूरी बात समझ आ रही है. और ऐसा भी जरूरी नही है कि  हम एक से ज्यादा भाषा का उपयोग नही कर सकते. हम पांचो भाषाओ का उपयोग कर सकते है.

ये लेख एक किताब का सार है जिसका नाम है  The five love languages  जिसके लेखक है Gary Chapman

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