कम नींद लेना सेहत के लिए हो सकता है घातक insomnia in hindi

एक अच्छी नींद इंसान के लिए कितनी जरुरी है यह बात शायद किसी को बताने की जरुरत नहीं है. लेकिन आज माहौल बदल चूका है. आज हम सोने के भाव में सोने के लिए जगह तो खरीद लेते है लेकिन उतनी अच्छी तरह से सो नहीं पाते. कही लोग देर रात तक काम करने या पढने की वजह से ठीक से नहीं सो पाते तो कही नींद को समय की बर्बादी मानकर सही से नहीं सोते. इसके आलावा भी कई ऐसे लोग है जो देर रात तक movies, टीवी, गेम्स या सोशल मीडिया पर वक्त बिताना ज्यादा पसंद करते है. असल में ऐसा करके हम कुदरत/nature को चुनोती देने के कोशिश करते है जिसके घंभीर परिणाम हमे बाद में देखने को मिलते है. आवश्यकता से कम नींद लेने की समस्या को insomnia कहा जाता है. ये कई तरह से होती है जैसे देर रात तक नींद न आना, बिलकुल भी नींद न आना (ऐसे लोग नींद की गोलियां खाकर सोते है), सोते हुए बार बार नींद का खुलना.

अनिद्रा पर हुए शोध बताने है की भारत में करीब 78 प्रतिशत लोग ठीक से नहीं सो पाते. तो चलिए इस पोस्ट में जानते है की निद्रा की प्रक्रिया किस तरह काम करती है और इसकी कमी से क्या क्या हो सकता है.

 

क्या होती है निद्रा

नींद एक स्थिति है जिसमे इंसान की उत्तेजना कम हो जाती है जिससे हमारे रोगक्षम तंत्र/ immune system और  मांसपेशियों में नयी जान आती है. ऐसे नहीं है की नींद के दौरान हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है बल्कि ओर सक्रीय हो जाता है. अच्छी नींद लेने से हमारा दिमाग उन सभी कचरों को बाहर कर देता है जो हमें पुरे दिन की activities से मिला होता है. शरीर में मौजद मेलाटोनिन/ melatonin नामक हॉर्मोन हमें गहरी नींद में ले जाने में मदद करते है. यह एक तरह से Anabolic स्थिति है जो इंसान के विकास पर जोर देती है. इसलिए एक वयस्क के लिए कम से कम 7 घंटे की नींद जरुरी मानी जाती है.

 

Effects of insomnia on health in hindi – अनिद्रा  के दुष्परिणाम

 

Sleep Deprivation and Health Problems – एक अच्छी नींद हमारी बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है. जो लोग सही से नींद नहीं लेते है या insomnia के शिकार है उन्हें Heart disease, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, सर दर्द जैसी समस्याएँ हो सकती है.

 

Sleepiness and depression – मनोविज्ञानिको के अनुसार अनिद्रा तनाव, चिंता और अवसाद को जन्म देती है. इसलिए आलावा भी कई अन्य मानसिक अवसादो का कारण सही समय पर न सोना और कम नींद लेना है.

 

Sleepiness and memory –  जो व्यक्ति आरामदायक नींद नहीं ले पाता उनकी मेमोरी और कंसंट्रेशन करने की क्षमता पर भी नकरात्मक प्रभाव देखने को मिलते है. साथ ही ऐसे लोग समस्याओ को सुलझाने और decision लेने में भी कठिनाई महसूस करते है. इतना ही नहीं इससे क्रिएटिविटी की भी क्षमता घटती है.

 

Sleep Deprivation and hormonal imbalance – insomnia/अनिद्रा के कारण हमारे शरीर में हॉर्मोन जैसे Cortisol, growth hormone, Leptin और Ghrelin  में भी imbalance देखें को मिलता है जिसके कारण गुस्सा, घबराहट, प्यार में कमी और ,मोटापा या कमजोरी, भूख न लगना और रूखापन जैसी समस्याएं पैदा होती है.

 

Sleepiness Causes Accidents – अनिद्रा पर 2009 में All India Institute Of Medical Science द्वारा की गई एक रिसर्च के अनुसार रोड एक्सीडेंट के शिकार हुए 60 प्रतिशत लोगो ने एक रात पहले ठीक से नींद नहीं ली थी जबकि 15 प्रतिशत लोग insomnia/ अनिद्रा से पीड़ित थे.

 

देखने से insomia/ अनिद्रा एक साधारण सी समस्या लगती है. लेकिन क्या आप जानते है भारत में नींद लाने की दवाइयों का व्यापार 16,000 करोड़ रूपए का है. यानी इतने रूपए चुकाकर हम भारतीय नींद खरीदते है.

 

 

कैसे ले अच्छी नींद

 

ठीक से नींद लेने के लिए हमें अपने लाइफस्टाइल में कुछ जरुरी बदलाव लाने होंगे क्योकि प्राकृतिक रूप से रात सोने के लिए होती है. इसलिए अपने जरुरी काम सुबज जल्दी उठकर निपटाएं और सोशल मीडिया के दुनियां से रात को थोडा बचे. इसके आलावा अच्छी नींद लेने के लिए हमने कुछ टिप्स अपने पिछले पोस्ट में भी बताये है जिसे आप पढ़ सकते है

Tips for good sleep in Hindi अच्छी नींद लेने के तरीके

 

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इसके आलावा आपका कोई सवाल या सुझाव है तो कृपया कमेंट करें. धन्यवाद

One Response

  1. Purshotam sahu 25/04/2017

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