कैसे और क्यों करे कपालभाती प्राणायाम Kapalbhati Pranayam in hindi

स्वस्थ शरीर का आधार है योग और योग का आधार है प्राणायाम. प्राणायाम योगा के आठ महत्वपूर्ण अंगो में से एक है जो शरीर की बड़ी से बड़ी बिमारियों को दूर करने के लिए जाना जाता है. प्राणायाम के कई प्रकार है और उन्ही में से एक है कपालभाती प्राणायाम/ Kapalbhati Pranayam. कपालभाती प्राणायाम को सभी प्राणायामो में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. माना जाता है की यह ऐसा अकेला योगाभ्यास है जिसके जरिये शरीर के 80 से 90 फीसदी रोगों का इलाज़ संभव है. सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी कपालभाती प्राणायाम उत्तम माना जाता है. इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की कपालभाती प्राणायाम/ Kapalbhati Pranayam कैसे किया जाये और इसके क्या फायदे है.

 

कपालभाती प्राणायाम के फायदे – benifits of Kapalbhati Pranayam in hindi

 

शारीरिक लाभ – physiological benifits of Kapalbhati Pranayam

 

  • वजन कम किया जा सकता है
  • कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है
  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है
  • गैस और एसिडिटी की समस्या नहीं होती
  • सिर दर्द से मुक्ति मिलती है
  • ह्रदय रोगों नही होते
  • चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती
  • जुकाम और खांसी नहीं होती
  • हॉर्मोन और कोलेस्ट्रोल लेवल संतुलित रहता है
  • आलसपन से छुटकारा मिलता है
  • metabolism rate , हीमोग्‍लोबिन और थायराइड कंट्रोल में रहता है
  • महिलाओं की समस्‍याओ के लिए कपालभाती उत्तम माना जाता है

 

 

मनोविज्ञानिक लाभ – psychological benefits of of Kapalbhati Pranayam

 

  • तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति मिलती है
  • ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से छुटकारा पाया जा सकता है
  • चेतना के स्तर में वृदि होती है
  • नकरात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है
  • मानसिक विकारो से बचा जा सकता है
  • focus level बढ़ता है
  • memory में सुधार होता है
  • आंतरिक शांति मिलती है
  • मूल आधार चक्र और कुं‍डलिनी जागृत होती है

 

Kapalbhati in hindi

 

कपालभाती प्राणायाम करने की विधि

 

कैसे करे कपालभाती प्राणायाम – How to do Kapalbhati Pranayam in hindi

 

  • सबसे पहले किसी साफ़ और खुली जगह पर पद्मासन या नोर्मल अवस्था (regular yogic posture) में बैठ जाये

 

 

  • अब अपनी सासों को लगातार बाहर की ओर फेके (inhalation ). ध्यान रहे आपको सासें लेनी नहीं है सिर्फ बाहर की और धकेलनी है.

 

 

  • जब थकान लगे तब रुक जाये. शुरुआत में 20 से 25 बार लगातार सासों को बाहर की ओर धकलने का प्रयत्न करे.

 

 

  • इस तरह कुछ देर रूककर फिर 20 से 25 बार करे. शुरुआती दिनों में 1 मिनट तक करने की कोशिश करे और फिर धीरे धीरे समय बढाकर 2 मिनट, 3 मिनट, 5 मिनट तक करे.

 

 

माना जाता है कपालभाती अकेला ऐसा योग है जो सब बिमारियों का इलाज़ है. अगर हमेशा healthy रहना चाहते है तो दिन का थोडा सा समय अपने शरीर के लिए निकालकर रोज सुबह यह प्राणायाम  जरुर करे.

 

note – हाई ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजो को कपालभाती धीरे धीरे करने की सलाह दी जाती है. अगर आप किसी गंभीर रोग से पीड़ित है तो किसी भी योग को करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह ले. साथ ही आसानी से इस योग को सिखने के लिए आप youtube पर videos देख सकते है

 

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  1. Mahesh Yadav 14/03/2017

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