जानिए शेयर्ड सायकोटिक डिसऑर्डर के बारे में

हाल ही में दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक घटना घटी जिसमे एक ही परिवार के 11 लोगो ने खुद को फांसी लगाकर जान दे दी. जांचं के दौरान पुलिस का कहना था की परिवार के कुछ लोग मानसिक समस्या से पीड़ित थे और अन्धविश्वास के चलते अपनी जान गवा बैठे. मनोविज्ञानिको के अनुसार यह समस्या shared psychotic disorder है जिसके चलते धार्मिक अनुष्ठान एक सामूहिक आत्महत्या में बदल गया.

 

क्या होता है shared psychotic disorder

shared psychotic disorder एक दुर्लभ प्रकार की मानसिक बीमारी है जिसमें एक स्वस्थ व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति के भ्रम पर विश्वास करना शुरू कर देता है जिसके साथ उनका घनिष्ठ संबंध होता है और वह पहले से ही भ्रम और अन्य मनोवैज्ञानिक विकार से पीड़ित होता है। इसलिए इस विकार को ” folie á deux, family madness या madness of several” भी कहा जाता है।

इस बीमारी में भ्रमपूर्ण विश्वास (Delusion) और मतिभ्रम (hallucinations) के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाते हैं।
उदाहरण के लिए, मान लें कि आपके पति/पत्नी को एक मनोवैज्ञानिक विकार है और, उस बीमारी में वह मानते हैं कि एलियंस उसके ऊपर जासूसी कर रहे हैं। यदि आपको shared psychotic disorder /साझा मनोवैज्ञानिक विकार है, तो आप भी उन एलियंस में विश्वास करना शुरू कर देंगे। लेकिन इसके अलावा आपके विचार और व्यवहार सामान्य दिखेंगे।

psychotic disorder से पीड़ित लोगों को वास्तविकता से संपर्क में रहने में परेशानी होती है और अक्सर रोजाना की सामान्य जिन्दगी के साथ तालमेल नहीं बिठा पाते । इस बीमारी के सबसे स्पष्ट लक्षण hallucinations (उन चीजो को देखना या सुनना जो असल में नहीं हैं) और delusions (उन चीजो पर विश्वास करना जो वास्तव में नहीं है) है

 

Causes of shared psychotic disorder in hindi

शेयर्ड सायकोटिक डिसऑर्डर आमतोर पर एक ही परिवार के भीतर होते हैं। इस बीमारी के लगभग सभी मामलों में long term relationship देखने को मिलती है और घर का एक व्यक्ति psychotic disorders से पीड़ित होता है.

 

क्या है इलाज – Treatment of shared psychotic disorder in hindi

इस बीमारी के इलाज के लिए मनोविज्ञानिक मनोचिकित्सा/psychotherapy, दवाइयों और Family therapy का सहारा लेते है.

 

psychotherapy

यह चिकित्सा रोगी के भ्रम को पहचानने और स्वस्थ सोचने में मदद करती है। यह अक्सर कठिन होता है क्योंकि भ्रमपूर्ण विकार वाला व्यक्ति अपनी समस्याओं को देखने में सक्षम नहीं होता. इस मनोचिकित्सा का उद्देश्य भावनात्मक समस्याओं को कम करना है. अलग अलग तकनीको के माध्यम से रोगी के गलत विश्वासों को समझा और बदला जाता है और उसकी सोच में बदलाव लाया जाता है.

 

Family therapy

पारिवारिक चिकित्सा में व्यक्ति का पूरा परिवार शामिल होता है जिसे शेयर्ड सायकोटिक डिसऑर्डर होता है। इसके जरिये व्यक्ति की गतिविधियों और हितों को बढ़ावा देना, स्वस्थ सामाजिक संबंधों को विकसित करना, और जीवन को वापस ट्रैक में लाने में मदद करना शामिल होता है।

 

Medication

दवाइयां इस बीमारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इस रोग में रोगी के लक्षणों को कम करने के लिए कई तरह की एंटीसाइकोटिक दवाएं दी जाती है जिससे मतिभ्रम को कम किया जाता है. कभी-कभी डॉक्टर चिंता, बेचैनी, या अनिद्रा जैसे तीव्र लक्षणों को कम करने के लिए ट्रांक्विलाइज़र या sedatives जैसी दवाओं का इस्तेमाल भी करते हैं

 

हर मनोविज्ञानिक समस्याओं की तरह इस विकार में भी लोग अक्सर यह नहीं समझ पाते कि उन्हें इलाज की आवश्यकता है और वे निर्धारित इलाज और दवाएं नहीं लेते और समस्याएँ बढ़ जाती है इसलिए जरुर्री है समय पर बीमारी को पहचानना. अगर आपके आस पास, दोस्तों या परिवार में किसी को भी ऐसी समस्या है तो उन्हें जरुर जागरूक करे और इलाज के लिए प्रोत्साहित करें.

 

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One Response

  1. Morvi 20/07/2018

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