एक बेटी की अपनी मम्मी के नाम चिठ्ठी Social media viral story

दोस्तों exams के दिन  नजदीक आ रहे है और आप जी लगाकर मेहनत भी कर रहे है, ये जरूरी भी है क्योकि इससे आपका भविष्य जो जुड़ा हुआ है. लेकिन आपके भविष्य की चिंता केवल आपको ही नहीं आपके मां बाप को भी है.  वे भी आपसे बहुत आशाये लगाये हुए है. कभी कभी ये आशाए आप पर बोझ बन जाती है जो परीक्षा में आपके प्रदर्शन को  प्रभावित कर सकती है, हम आपके साथ यहाँ एक ऐसी ही कहानी शेयर करने जा रहे है जो social media में चर्चा में है.

social media viral story on exams in hindi

एक 16 साल की लड़की, पढ़ने में बहुत तेज हर टेस्ट में फर्स्ट आती। वह अपनी मम्मी के साथ एक फ्लैट में रहती थी। उसकी माँ एक प्राईवेट कंपनी में अच्छे पद पर थी और अपनी बेटी को पढाना चाहती थी। माँ ने अपनी बेटी से कहा की इस बार exams में 95% मार्क्स  से कम नही आने चाहिए, बेटी डर गई और ज्यादा पढ़ाई करने लगी। मम्मी रोज उसे 95% याद दिलाती। जैसे जैसे exams के दिन करीब आते जा रहे थे वैसे वैसे बेटी के पढ़ने की टाइमिंग भी बढ़ती जा रही थी। अब एग्जाम/ exams खत्म हो गए, रिजल्ट का दिन भी नजदीक आ गया और बेटी के मन का डर भी बढ़ गया। जिस दिन रिजल्ट आना था मम्मी ऑफिस चली गई और बेटी रिजल्ट लेने स्कूल गई। मम्मी ने बेटी का रिजल्ट जानने के लिए लंच  के समय घर पर फ़ोन किया, पर किसी ने उठाया नही। अब मम्मी भी थोडा डर गई और जल्दी से घर पर आई। घर पर बाहर से कुण्डी लगी थी, वो अंदर गई अपनी बेटी को आवाज़ लगाई पर वो घर पर नही थी और मेज पर एक चिठ्ठी रखी थी।

 

एक बेटी की अपनी मम्मी के नाम चिठ्ठी… माँ मैं घर छोड़ रही हूँ. मैं एक लड़के से प्यार करती हूँ . उसी के साथ जा रही हूँ. वो 100  की स्पीड में बाइक चलता है बहुत मज़े करता है फ़िलहाल काम कुछ नही करता अभी तक तो हमारा खर्च मेरी पॉकेट मनी से चल जाता था और अब आगे भी चल जाएगा मैंने घर के सारे पैसे और गहने ले लिए है. वो अपने दोस्तों के साथ रहता है मैं भी वहा रह लुंगी, रोज रात को पार्टी होती है यहाँ। आप चिंता मत करना मैं बहुत खुश हूँ वो 21 साल का है मैं 16 की हूँ और अपना ध्यान रख सकती हूँ पर कोई बात नही 2 साल बाद हम शादी कर लेंगे आप अपने नाती-नातिन को आशिर्वाद जरूर देना। आपकी प्यारी बेटी…. और नीचे कुछ लिखा था…

नोट;- माँ मैं झूठ बोल रही थी, माँ मेरे हाथ पैर सलामत है और दिमाग अपनी जगह है और आपसे बहुत प्यार करती हूँ. मैं पड़ोस वाली आंटी के यहाँ बैठी हूँ आप परेशान मत होना। मेरी मार्कशीट मेरी अल्मारी में रखी है जिसमे मेरे 85% आये है. मैं आपको दुखी नही देख सकती मैं अगली बार और ज्यादा मेहनत करूंगी। मैं ये सब कर के बस आपको इतना बताना चाहती थी की मुझसे नीचे भी कई लोग है. मैंने आपको परेशान किया इसके लिए मुझे माफ़ कर देना। LOVE U MAA….

 

ये कहानी हमें बहुत बड़ी सीख देती है हमें आकंक्षाए रखनी चाहिए और उन्हें पाने के लिए जो आपसे संभव हो करना चाहिए लेकिन अगर वो इच्छाए पूरी न हो तो इसका मतलब ये नहीं की संसार खत्म हो गया. अपने से नीचे लोगो से जीने और अपने से बड़े लोगो से सीखने से ही हमें अपने जीवन को चलाना चाहिए. तभी मन को शांति, संतुष्टि और आपको सुख और तनाव रहित जीवन मिल सकता है.

 

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5 Comments

  1. Nikhil & Mahi 16/09/2016
  2. suraj kumar 23/09/2016
  3. Brajesh kumar 27/02/2017
  4. vima bhaat 20/05/2017
    • vima bhaat 20/05/2017

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