जानिए क्या होता है पैनिक डिसऑर्डर panic disorder in hindi

राहुल २० साल का एक लड़का है जो कॉलेज में पढता है. एक दिन वह बस से अपने कॉलेज में जा रहा था तभी उसे panic attack पड़ा. ठंड के मौसम में भी वह पसीने पसीने हो गया. उसे लगने लगा की उसके दिल की धड़कन रुकने वाली है और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. आस पास के लोगो की मदद से उसे हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ उसका मेडिकल चेक उप किया गया. चेक उप में किसी भी तरह की समस्या नहीं पायी गयी.

कुछ दिन बाद खेलते समय उसे फिर इस प्रकार का दौरा पड़ा जिससे कारण उसे अकेले घर से बाहर जाने में डर लगने लगा. जब राहुल को डॉक्टर के पास ले जाया गया तो जांच के दौरान पता चला की राहुल को panic disorder है.

 

क्या होता है पैनिक डिसऑर्डर – panic disorder in hindi

 

पैनिक डिसऑर्डर एक प्रकार का एंग्जायटी डिसऑर्डर है जिसमे रोगी को अचानक से पैनिक अटैक पड़ता है. पैनिक अटैक  तीव्र डर या घबड़ाहट के दौरों को कहा जाता हैं जो अचानक से पैदा होते हैं और छोटी अवधि के होते हैं.  इस दौरान रोगी का नियंत्रण खोने लगता है और उसे लगता है की वह मरने वाला है.  इस स्थिति में  रोगी में कई और तरह के लक्षण देखने को मिलते है जैसे

 

दिल की गति का तेज या कम हो जाना

पसीने आना

छाती में दर्द या दिक्कत महसूस होना

सुन्न पड़ जाना

दम घुटना

कपकपी या तेज गर्मी लगने लगना

मरने का डर होना

चक्कर आना

अपने आप पर कंट्रोल खोने का डर लगने लगना

चिल्स या हॉट फ्लैशेज

धुंधली दृष्टि

मांसपेशियों में तनाव

 

panic disorder में हफ्ते में कम से कम एक या दो बार पैनिक अटैक जरुर पड़ता है. और दौरा कुछ मिनटों तक बना रहता है.

 

 

पैनिक डिसऑर्डर के कारण – cause of panic disorder in hindi

 

मनोविज्ञानिको के अनुसार पैनिक डिसऑर्डर बायोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल दोनों कारणों से हो सकता है.

 

बायोलॉजिकल कारण

रिसर्च के अनुसार आमतोर पर पैनिक डिसऑर्डर होने ही संभावना उन लोगो में ज्यादा होती है जिनके परिवार के किसी सदस्य में यह बीमारी पहले हो चुकी हो.

 

कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार जब रोगी की साँसों में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा सामान्य से ज्यादा होती है तब पैनिक अटैक पड़ते है.

 

जब व्यक्ति के मस्तिष्क का वह सर्किट जो आपातकालीन प्रतिक्रिया को धीमा करता है या बंद करता है, की क्षमता कमजोर हो जाती है तब पैनिक अटैक होने की संभावना होती है.

 

इसके आलावा रोगी के ब्रेन में संवेदना उत्पन्न करने वाले tissues की क्रिया में गडबडी होने के कारण भी panic attack होते है

 

मनोविज्ञानिक कारण

 

अत्यधिक तनाव के कारण भी पैनिक अटैक की स्थिति उत्पन होती है

 

पैनिक डिसऑर्डर के कई रोगियों में बचपन में शारीरिक या यौन शोषण की घटना देखी गई है.

 

धूम्रपान, निकोटिन  या अत्यधिक कैफीन के सेवन से भी पैनिक अटैक के लक्षण विकसित होते है.

 

किसी भयावह परिस्थिति या घबड़ाहट बढ़ाने वाली परिस्थितियों का सामना करने  की प्रतिक्रिया के रूप में र्रोगी  को पैनिक अटैक पड़ सकते हैं

 

 

पैनिक डिसऑर्डर का इलाज – Treatment of panic  disorder in hindi

 

पैनिक डिसऑर्डर के मरीजो के लिए साइकोलॉजिकल थेरेपी और दवाइयों के जरिये इलाज किया जाता है.

 

ऐसे रोगियों को समझाया जाता है की पैनिक अटैक तब पैदा होते है जब नार्मल चिंता के लक्षणों को रोगी हार्ट अटैक के लक्षण समझकर अधिक घबरा जाते है जिससे स्थिति खराब हो जाती है. इसके कारण सांस में कमी, छाती में दर्द और पसीना आने लगता है. और पैनिक अटैक की स्थिति उत्पन होती है. इसलिए रोगी को इन लक्षणों से निपटने के लिए ट्रेन किया जाता है.

रोगी को तनावपूर्ण स्थिति से बचने की सलाह दी जाती है और लाइफस्टाइल में सुधार करवाया जाता है.

 

इसके आलावा tricyclic antidepressant drugs और anti anxiety drugs के इस्तेमाल से पैनिक डिसऑर्डर के लक्षणों को कंट्रोल किया जाता है.

 

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