जानिए बच्चो का मनोविज्ञान – child साइकॉलजी

दुनिया के महान मनोविश्‍लेषक(psychiatrist) सिग्मंड फ्रायड(Sigmund Freud) का जन्म ऑस्ट्रीया मे हुआ था फ्रायड वियना के एक बड़े न्यूरोवलोजिस्ट(neuropsychologist) एवं मनोचिकित्सक(psychiatrist) माने जाते थे। सम्पूर्ण अमेरिका और यूरोप  उनकी खोजो(discoveries) के आगे नतमस्तक था।  सिग्मंड फ्रायड ने अलग तरह से इंसान के दिमाग को समझने की कोशिश की, जिसकी वजह से उनको फादर ऑफ साइकोएनालिसिस(father of psychoanalysis) भी कहा जाता है.

ये article उनके personal experience based है जिसके जरिये इंसान के व्यवहार और child psychology को समझाने की कोशिश की गई है।

एक दिन सिग्मंड फ्रायड  अपनी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बाहर घूमने गए। पूरे परिवार के साथ काफी देर तक एक पार्क मे  घूमते रहे। तभी उनकी पत्नी का ध्यान गया की उनका बच्चा वहाँ मौजूद नहीं था। यह सोचकर की बच्चा कही खो गया है उनकी पत्नी काफी परेशान हो गई। मगर फ्रायड के चहेरे पर कोई चिंता नहीं थी। फ्रायड को निश्चिंत देखकर उनकी पत्नी गुस्से मे उनसे बोली की हमारा छोटा बच्चा खो गया है और आपको कोई फिक्र ही नहीं है। फ्रायड ने अपने पत्नी से हसते हुए कहाँ की चिंता मत करो। हमारा बच्चा अभी मिल जाएगा। पत्नी ने कहा की जब तक हम उसे खोजेंगे नहीं वो हमे कैसे  मिलेगा?

फ्रायड ने अपनी पत्नी से पूछा की ‘ क्या तुमने उसे किसी जगह पर जाने के लिया मना किया था क्या? थोड़ी देर तक सोचने के बाद पत्नी बोली की मैंने उसे फव्वारे के पास जाने के लिए खास तौर पर माना किया था।

फ्रायड बोले ‘तब तो वो निश्चित रूप से ही फव्वारे के पास मिलेगा। तभी वो दोनों फव्वारे के पास गए और देखा की उनका बच्चा वही खेल रहा था।

उनकी पत्नी के मन के अंदर एक जिज्ञासा जगी की आखिर फ्रायड को इतने विश्वास के साथ कैसा पता था की उनका बच्चा वही मिलेगा।

फ्रायड ने बताया की यह इंसान का स्वभाव है की उसे जिस चीज के लिया मना किया जाये उसके अंदर उस चीज को करने की भावना सबसे पहले जागती है। खासकर बच्चो को जिस काम को करने की लिए रोका जाए वो जानबूझकर उस काम को करते है।

ये इंसान का nature है कि वो हमेशा अनजानी चीजों के प्रति आकर्षित(attract) होता है। जिस भी चीज में लिखा हो कि वहां जाना मना है या वो गलत है  तो लोग वहाँ 1 बार तो जरूर जाएंगे। आज इंसान जो भी है और जो भी discoveries और invention किए है वो अपने जानने की उत्सुकता(curiosity) की वजह से ही है। लोग  हर चीज के के बारे मे जानना चाहते है कि वो चीज कैसे हुई?, वो कैसे और क्यो काम करती है? … इन्ही सवालों के जवाब जानने की उत्सुकता की वजह से इंसान ने नई-नई चीजें खोजीं। यही उत्सुकता लोगो  को वही धकेलती हो जहां मना किया जाये।

Teachers और parents के लिए जरूरी है की अगर आपको अपने बच्चो को किसी चीज के लिए मना करना है तो मना करने  के साथ साथ उसके संभावित परिणाम बताने भी जरूरी है। तभी बच्चो को एक सही दिशा दी जा सकती है।

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