डिप्रेशन पर जीत कैसे पायें

जब हम मानसिक समस्या की बात करते है तो सबसे पहले जो हमारे दिमाग में आता है उसे हम डिप्रेशन कहते है क्योंकि यह बहुत आम हो गया है और दुनिया भर में इससे ग्रसित लोगो की संख्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई संगठन इसकी जागरूकता के लिए कार्य कर रहे है जो बताते है कि डिप्रेशन क्या है, इसके क्या लक्षण है एवं इसके क्या Treatment है। हमने अपने एक आर्टिकल में डिप्रेशन के कारणों और लक्षणों की चर्चा की थी।  आज हम बात करेंगे कि डिप्रेशन की स्थिति में हम क्या कर सकते है जिसे हम डिप्रेशन को हरा सके.

depression ka treatment

सबसे पहले हम डिप्रेशन के बारे में अपनी जानकारी को ताजा कर लें. डिप्रेशन को सामान्य भाषा में समझे तो यह एक ऐसी अवस्था है जिसमे एक व्यक्ति एकाग्रता और ध्यान में कुछ कमी आ जाती है, जिन कार्यो और चीजों को करने में बहुत रूचि होती थी वह रूचि काफी कम हो जाती है और उन्हें करने में मन नही लगता. पूरा दिन थका महसूस करना और किसी भी काम को करते ही बड़ी जल्दी थकावट या उबाऊपन महसूस करना, अपने बारे में अपने द्वारा किये गए कार्य के बारे में नकारात्मक विचार लेकर आना, भविष्य के बारे में नकारात्मक सोचना, नींद ठीक से ना आना(बहुत ज्यादा या बहुत कम सोना), भूख ठीक से न लगना(बहुत ज्यादा खाना या बहुत कम खाना), अचानक से चिडचिडापन गुस्से में चिल्लाना, या फिर गुमसुम या चुपचाप रहना शुरू कर देना, दोस्तों से या परिवार से कम बात करना इत्यादि ये सभी मुख्य लक्षण है, जिनके द्वारा दिए गए पहलुओ के तहत डिप्रेशन या अवसाद का पता लगाया जा सकता है.

अब चुकि डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है तो इसके Treatment के लिए मनोचिकित्सक और मनोविज्ञानिक मिल कर काम करते है। यदि डिप्रेशन गंभीर हो तो Treatment के लिए दवाईयों की जरूरत पड़ती है, साथ ही मनोविज्ञानिक थेरेपी का इस्तेमाल करते है।  यदि ज्यादा गंभीर नही है तो मनोविज्ञानिक सिर्फ थेरेपी का इस्तेमाल करते है. आइये कुछ थेरेपी या कहे की डिप्रेशन के कुछ practical Treatment  पर बात करे जिन्हें मनोविज्ञानिक द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और आप खुद भी इस्तेमाल करते है.

कैसे पाये डिप्रेशन से छुटकारा – Depression Treatment in hindi

फिर से बाहर निकलना शुरू करना

डिप्रेशन में या मुड ठीक न होने की स्थिति में लोग आसपास के लोगो से मिलना जुलना कम कर देते है. और घर में अपने कमरे में ज्यादा रहना शुरू कर देते है और शारीरिक क्रिया भी कम कर देते है। यदि आपको खुद को उदास मन से बाहर निकालना है तो सबसे पहले अपने बंद माहौल से बाहर आना चाहिए. ताकि हमारे दबे हुए विचार और भावनाओ को निकलने का मौका मिल सकें.

जो चीज़े ख़ुशी देती है उन पर फिर से ध्यान देना

डिप्रेशन की स्थिति में इन्सान अपने मनपसंद कामो को करना कम कर देता है और धीरे धीरे उसमे रूचि भी कम हो जाती है जैसे क्रिएटिव चीज़े बनाना, लिखना, किसी से बात करना, कोई गेम खेलना, या ऐसी कोई एक्टिविटी जिससे मन खुश रहे.

कुछ नया करने की कोशिश करना

डिप्रेशन की अवस्था में देखा गया है कि इससे ग्रसित व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश नही करता या किसी नई चीज़ पर ध्यान नही देता. जिससे हमारे मन में कोई बदलाव नही आता और वही नकारात्मक विचार हमारे मन में घूमते रहते है जबकि अगर कोई नयी चीज़ शुरू करे तो हमारे विचार उस ओर जाते है और नकारात्मक विचारो पर ध्यान नही जाता.

मन को खुश रखना

अभी अभी बात भी की थी कि मन को खुश रखने वाली एक्टिविटी करते रहना चाहिए. जिससे हमारे शरीर से hormones  ज्यादा से ज्यादा निकनले और हमे प्राक्रतिक ख़ुशी का अहसास हो.

खान-पीने पर ध्यान देना

हमारे खाने-पीने की आदते और खाने-पीने की मात्रा हमारे विचारों पर काफी हद तक प्रभाव डालती है इसके लिए कहा जाता है कि हमे अपने खाने पीने पर अधिक ध्यान देना चाहिए. डिप्रेशन के अधिकतर मामलो में देखा गया है कि लोग शराब, सिगरेट या ड्रग्स का इस्तेमाल करते है जो हमारे दिमाग पर  सीधे और बुरी तरह से असर करता है और हमारे दिमाग को नुकसान पहुचाता है।  डिप्रेशन की अवसथा में खाने को लेकर डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहियें.

हर दिन सूर्य की किरणें लेना

हर दिन सुबह सुबह सूर्य की किरणों के सम्पर्क में आने काफी हद तक हमारा मन सकरात्मकता की ओर जाता है।  सुबह उठने के बाद दोपहर में खाना खाने के बाद और शाम को सूर्यास्त से कुछ देर पहले सूर्य की किरणों के सम्पर्क में आने से मनोदशा को ठीक किया जा सकता है.

योग या व्यायाम करना

सुबह योग या व्यायाम करने से डिप्रेशन की स्थिति से बाहर आया जा सकता है योग के द्वारा हमारे  मन  में बदलाव आ जाता है तो वही शारीरिक व्यायाम से हमारे शरीर  एक्टिव होना शुरू हो जाता है.

अपने भावो और विचारो को व्यक्त करना

यूँ तो डिप्रेशन को हराने के अलग अलग लोगो के तरीके भी अलग अलग हो सकते है और उन सभी पर बात करना भी बहुत मुश्किल होगा इसलिए इस पॉइंट  को हम आखिर में लिख कर अपनी बात को खत्म करते है।  डिप्रेशन के समय में सबसे आम समस्या यही होती है कि वह अपनी बात किसी से नही कर पाते, उनके विचार और भावनाएं उनके मन में ही घूमते है और उन्हें परेशान करते है तो सबसे जरूरी है कि हम अपनी परेशानी शेयर करे चाहे लिख कर, बोल कर, चित्र बना कर या किसी और तरीके से. लेकिन व्यक्त करना बहुत जरूरी है.

तो दोस्तों यह कुछ ऐसे पहलु है जिन्हें आप अपनी जिन्दगी में अपना कर अपने उदास मन को ठीक कर सकते है और अपनी जिन्दगी को वापिस पटरी पर ला सकते है.

उम्मीद करते है यह टिप्स depression से बाहर निकालने मे आपकी मदद करेंगे। अगर आपके कोई सवाल है तो आप कमेंट के जरिये हमसे पूछ सकते है या हमारी free online counseling के जरिये हमारे एक्सपर्ट से सहायता ले सकते है। हैल्थ से संबंधित सभी आर्टिक्ल की तुरंत नोटिफ़िकेशन पाने के लिए नीचे bell icon को दबाकर हमे subscribe करे।

लेखक के बारे मे

school counselor in hindi

शुभम प्रजापति पेशे से स्कूल काउंसलर है। यह मानसिक रोगो का निदान और उसका इलाज भी करते है। यह अपने लेखो के जरिये मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयो को आम लोगो तक रखते है ताकि लोग इन समस्याओं के प्रति जागरूक हो और समय पर इलाज ले सके।

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2 Comments

  1. Deepak 13/04/2019
  2. piya 18/04/2019

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